एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजनान्तर्गत दो दिवसीय किसान गोष्ठी का समापन।
जौनपुर। एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजनान्तर्गत दो दिवसीय कृषक गोष्ठी का आयोजन ग्यारह व बारह जनवरी को कृषि विज्ञान केन्द्र बख़्शा पर आयोजित किया गया । कार्यक्रम के दूसरे दिन समापन के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि पूर्व ब्लाक प्रमुख जय प्रकाश सिंह 'राणा 'ने किसानों को विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ लेने हेतु प्रेरित किया तथा साथ ही किसानों को खेती में तकनीकी गुणों के समावेश पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि, किसान कृषि विज्ञान केन्द्र के कृषि वैज्ञानिकों से सम्पर्क में रहकर आधुनिक तौर तरीकों से खेती करें। किसान खेतों में सिंचाई के लिए ड्रिप व स्प्रिंकलर का प्रयोग करके पानी की बचत कर सकते हैं।
जिला उद्यान अधिकारी डा. सीमा सिंह 'राणा ' द्वारा कृषकों को विभाग द्वारा संचालित सब्जी की खेती, मशालों की खेती, मशरूम व फूलों की खेती करने की विधि एवं सरकार द्वारा संचालित परियोजनाओं की जानकारी एवं लाभ पर विस्तार से जानकारी दी गई । उन्होंने कहा कि, सरकार द्वारा चलाई जा रही परियोजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों को मिले इसके लिए उद्यान विभाग प्रतिबद्धता दिखा रहा है ।
उद्यान वैज्ञानिक डा. राजीव सिंह ने किसानों को सब्जी की आधुनिक खेती व प्राकृतिक खेती करने की सलाह दी । कृषि विज्ञान केन्द्र अमहित के प्रभारी अधिकारी डा. आर.के सिंह के द्वारा बताया गया कि किसान जो भी खेती करते हैं, उसमें सब्जी की खेती की भूमिका काफी अहम होती है। डा. संदीप कुमार ने किसानों को मशरूम की खेती व सब्जियों में लगने वाले रोगों व उपचार के बारे में विस्तार से बताया । कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक व अध्यक्ष डा. सुरेश कुमार कन्नौजिया द्वारा किसानों को लो-टनल पाली हाउस द्वारा नर्सरी तैयार करने की विधि एवं सब्जियों में सूक्ष्म पोषक तत्वों की महत्ता पर विस्तार से बताया गया । इसी क्रम में वैज्ञानिक डा. रुपेश सिंह, डा. हरिओम वर्मा, डा. लाल बहादुर गौड़ द्वारा जनपद के विभिन्न ब्लाकों से आये हुए लगभग दो सौ किसानों को संचालित योजनाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक एवं प्रशिक्षित किया गया । उक्त अवसर पर मुख्य अतिथि द्वारा जनपद के बीस प्रतिशत प्रगतिशील किसानों को टमाटर, लौकी, मिर्च, के बीजों का वितरण किया गया , जिसमें बृजेश यादव, ऊषा देवी, जयहिंद मौर्या, धनश्याम यादव आदि रहे।
विशिष्ट अतिथि देवराज पाण्डेय द्वारा किसानों एवं वैज्ञानिकों के साथ ही उद्यान विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहना करते हुए गोष्ठी की उपयोगिता पर प्रकाश डाला गया । भविष्य में इस तरह की और भी गोष्ठी के आयोजन की सलाह दी गई। कार्यक्रम का संचालन कृषि प्रसार वैज्ञानिक सुरेन्द्र प्रताप सोनकर व आभार डा. लाल बहादुर गौड़ द्वारा ज्ञापित किया गया ।

