भगवान, भजन एवं भक्त एक—दूसरे के पूरक होते हैं: नीलम जी

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भगवान, भजन एवं भक्त एक—दूसरे के पूरक होते हैं: नीलम जी

'माता की चौकी' में देवी गीतों, भजन एवं पचरा में डूबे भक्तगण

जौनपुर। भगवान, भजन एवं भक्त एक ही माला के कड़ी होते हैं तभी तो भगवान को प्रसन्न करने के लिये भक्त को भजन का सहारा लेना पड़ता है, क्योंकि भगवान के लिये भजन ही सर्वोत्तम माना गया है। उक्त बातें 'माता की चौकी' नामक देवी जागरण में आध्यात्मिक गुरू मां नीलम जी ने कही। यह आयोजन चैत्र नवरात्रि के पंचमी के दिन नगर के शेखपुर में समाजसेविका मुन्नी देवी के निर्देशन में विदिशा जायसवाल ने आयोजित किया था जहां सैकड़ों महिलाओं ने शामिल होकर प्रसाद ग्रहण किया।
इसके पहले अग्रदेव भगवान श्री गणेश की वंदना की गयी जिसके बाद मां शारदा मण्डली के कलाकारों द्वारा एक से एक बढ़कर देवी गीत, भजन, पचरा आदि का दौर चला तो उपस्थित सभी लोग भक्ति रस में डुबकी लगाते रहे। तत्पश्चात् आरती के बाद जागरण का समापन हुआ जिसके बाद माता रानी के जयघोष से पूरा वातावरण देवीमय हो गया।
इस दौरान विधि—विधान से माता रानी का पूजा-पाठ किया गया जिसके बाद मां शारदा मण्डली की महिलाओं ने एक से बढ़कर प्रस्तुति की जिसे सुनकर उपस्थित लोग मंत्र-मुग्ध हो गये। मां शारदा मण्डली में नीलम सिंह के अलावा अंजली चतुर्वेदी, दीपिका शाही, शशि श्रीवास्तव, इन्दिरा, पुष्पा बाधवा, नीलम, संगीता, पारूल चतुर्वेदी, दीपिका, ज्योति, वर्षा आदि शामिल रहीं।
इस मौके पर आये आगंतुकों का स्वागत विदिशा जायसवाल ने किया। अन्त में मुन्नी देवी जायसवाल ने समस्त आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया। वहीं वैष्णवी जायसवाल ने सभी को प्रसाद वितरित करके आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर आरती जायसवाल, रीता वर्मा, रागिनी सिंह, सीता देवी, प्रीति गुप्ता, रेखा देवी, वर्षा जायसवाल, मीना जायसवाल, संतोषी पाण्डेय, प्रतिमा तिवारी, रीता जायसवाल, मनीला देवी, सुगन्धा जायसवाल, विवेक वर्मा, अमन अग्रहरि, योगेश जायसवाल, पम्मी, बिम्मी, मिस्टी, सिस्टी, तेज, दृष्टि, पुष्टि, अभियन्त सहित तमाम महिला, पुरूष, युवा आदि उपस्थित रहे।
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